Khabar Ganga Kinare Ki
Breaking Newsआकस्मिक समाचारउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदिन की कहानीराष्ट्रीयविशेष कवर

भाजपा सरकार की नीतियों से शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी की पहुंच से दूर — राकेश राणा।

*भाजपा सरकार की नीतियों से शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी की पहुंच से दूर — राकेश राणा*

जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि केंद्र और उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजीकरण को बढ़ावा दिया है। इसके परिणामस्वरूप आज बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं और यह एक सपना बनकर रह गई हैं।

उन्होंने कहा कि 80 और 90 के दशक में भाजपा की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रमुख नारा “शिक्षा का बाजारीकरण बंद करो” हुआ करता था, लेकिन विडंबना यह है कि लगभग चार दशक बाद भाजपा स्वयं उसी बाजारीकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।

राकेश राणा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोग बड़े पैमाने पर पलायन करने को मजबूर हैं, जिससे मैदानी क्षेत्रों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद चाहे कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की, दोनों ही दलों ने अपने घोषणापत्रों में पहाड़ी क्षेत्रों के विकास, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के वादे किए, लेकिन धरातल पर स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जहां एक ओर जंगली जानवरों के खतरे से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के कारण प्रसव के दौरान महिलाओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में महिलाएं रास्ते या असुरक्षित स्थानों पर बच्चों को जन्म देने को मजबूर हो जाती हैं। बीते वर्षों के आंकड़ों के अनुसार टिहरी जनपद में प्रसव के दौरान कई महिलाओं और नवजात शिशुओं की मृत्यु हुई, जो अत्यंत चिंताजनक है।

राणा ने कहा कि प्रदेश की अस्थायी राजधानी में निजी अस्पतालों और निजी स्कूलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन आम व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति के कारण इन सेवाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति यह है कि 40-50 छात्रों पर एक शिक्षक है, जबकि कई स्वास्थ्य केंद्रों में न तो डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक संसाधन।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण में प्रस्तुत लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को कितना महत्व दिया जाता है और क्या इससे पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति में कोई ठोस सुधार हो पाता है या फिर यह केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित रह जाता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा “विकास” है जिसमें गरीब का बच्चा पढ़ नहीं सकता और गरीब का मरीज इलाज नहीं करा सकता?

भाजपा सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी नीतियां केवल अमीरों के लिए हैं, गरीबों के लिए नहीं।
अंत में राकेश राणा ने कहा कि आने वाले समय में जनता भाजपा को जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और 2027 में इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।

Related posts

Lok Sabha 2024: संशोधित कार्यक्रम घोषित, अंतिम voter सूची 22 जनवरी को जारी की जाएगी

khabargangakinareki

मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित आईटीआई हेतु ग्राम फैगुल में भूमि का निरीक्षण*।

khabargangakinareki

ED ने Ayush प्रवेश घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू किया, Uttar Pradesh में Ayurveda निदेशक SN Singh सहित 16 गिरफ्तार।”

khabargangakinareki

Leave a Comment