लखवाड़ बांध परियोजना के कार्यों में तेजी के निर्देश, डीएम ने भूमि अधिग्रहण व मुआवजे की समीक्षा की*
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में लखवाड़ बांध परियोजना के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण सहित अन्य संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना क्षेत्र में कुल कितनी परिसंपत्तियां हैं, कितनी परिसंपत्तियों का मुआवजा वितरित किया जा चुका है तथा कितने प्रकरण लंबित हैं, इसकी स्पष्ट और तथ्यात्मक रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट हो सके और आगे की कार्रवाई समयबद्ध रूप से की जा सके।
बैठक में बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र में भूमि एवं परिसंपत्तियों का वर्गीकरण तीन श्रेणियों में किया गया है। इनमें खाली अथवा विभागीय भूमि, अधिग्रहण के बाद अस्थायी कब्जे वाली भूमि तथा अधिग्रहण से पूर्व की परिसंपत्तियां एवं पेड़ शामिल हैं। बताया गया कि श्रेणी-दो की भूमि का संयुक्त निरीक्षण पूरा किया जा चुका है। जिन प्रकरणों में कब्जे प्राप्त हो चुके हैं, उनमें भुगतान की कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजे जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन काश्तकारों एवं ग्रामीणों द्वारा एनओसी उपलब्ध करा दी गई है, उनके प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो। जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी धनोल्टी अंशुल भट्ट, एसएलएओ नीलू चावला, डीजीएम लखवाड़ बांध परियोजना शिवदास, तहसीलदार धनोल्टी मो. शादाब सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
