पीडी डीआरडीए ज्योति ने देवप्रयाग में ग्रामीण उद्यमों का किया निरीक्षण*
*निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और उद्यमों को व्यावसायिक रूप से संचालित करने के दिए निर्देश*
*सूचना/टिहरी/17 सितंबर, 2026;* अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि (आईएफएडी) द्वारा वित्त पोषित तथा उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (आरईएपी) के तहत स्वायत्त सहकारिताओं के माध्यम से संचालित विभिन्न सामुदायिक आधारित उद्यमों का परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) ज्योति ने विकासखंड देवप्रयाग में भ्रमण कर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक ने राजराजेश्वरी स्वायत्त सहकारिता, धरुण के निर्माणाधीन संग्रहण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद चंद्रबदनी स्वायत्त सहकारिता, पुजारगांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत झल्ड में संचालित कीवी उत्पादन कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परियोजना निदेशक ने सहकारिता द्वारा संचालित सड़क किनारे भोजनालय एवं खाद्य ठेली का भी निरीक्षण किया। व्यवसाय में अपेक्षित प्रगति न होने पर उन्होंने इसे देवप्रयाग में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चयनित स्थल पर तत्काल स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि उद्यम को बेहतर बाजार एवं अधिक ग्राहक मिल सकें।
इसके पश्चात उन्होंने उन्नति स्वायत्त सहकारिता, आमणी के कार्यालय का निरीक्षण कर अभिलेखों का अवलोकन किया। इस दौरान विकासखंड एवं स्वायत्त सहकारिता स्तर के कर्मचारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। सहकारिता द्वारा संचालित आधुनिक बकरी पालन केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने केंद्र को अधिक व्यवस्थित एवं व्यावसायिक ढंग से संचालित करने को कहा।
परियोजना निदेशक ने विकासखंड कार्यालय में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (आरईएपी) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के कार्मिकों के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी कार्मिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद प्रगति स्वायत्त सहकारिता, डोबरी द्वारा संचालित खाद्य ठेली एवं मशरूम उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया गया। खाद्य ठेली में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा प्रतिदिन के व्यवसाय का विवरण व्यवसाय पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। मशरूम उत्पादन इकाई में स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना ब्रह्म कांत भट्ट, खंड विकास अधिकारी देवप्रयाग महावीर सिंह सहित ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय टीम तथा संबंधित स्वायत्त सहकारिताओं के कर्मचारी उपस्थित रहे।
