Khabar Ganga Kinare Ki
Breaking Newsआकस्मिक समाचारउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदिन की कहानीदेहरादूनराजनीतिकराष्ट्रीयविशेष कवर

ब्रेकिंग:-रामनगर से लौटी एम्स की ’हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम’ जी- 20 की बैठक में आपात मेडिकल सुविधा के लिए की गई थी तैनात।

रामनगर से लौटी एम्स की ’हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम’
जी- 20 की बैठक में आपात मेडिकल सुविधा के लिए की गई थी तैनात।

रामनगर, नैनीताल में संपन्न हुई जी-20 देशों के समिट में पंहुची एम्स की हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम ऋषिकेश लौट आई है। वीआईपी मेहमानों के स्वास्थ्य संबन्धी मामलों को देखते हुए यह टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात रखी गई थी। इस टीम ने समिट स्थल पर रहते हुए मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने हेतु एम्स के ट्राॅमा सेंटर से लगातार संपर्क बनाए रखा।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के रामनगर में 28 से 30 मार्च तक चली जी-20 समिट में शामिल होने के लिए 17 देशों के 38 प्रतिनिधि उत्तराखंड पहुंचे थे। राज्य सरकार ने विदेशी मेहमानों का स्वागत जहां विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से किया, वहीं उनके स्वास्थ्य संबंधी मामलों को देखते हुए समिट स्थल पर विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम तैनात करने के अलावा एम्स ऋषिकेश की हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम से भी मदद ली गई थी।
इस दौरान एम्स की उच्च प्रशिक्षित इस टीम ने स्वास्थ्य संबन्धी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उद्देश्य से एविएशन विभाग सहित एम्स के हेली कमांड सेंटर से लगातार संपर्क बनाए रखा।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर( डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के अनुरोध पर वीआईपी मेहमानों के स्वास्थ्य संबन्धी मामलों की व्यवस्था को देखते हुए एम्स से हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम को रामनगर भेजा गया था ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से तत्काल एम्स लाया जा सके अथवा मौके पर ही आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया जा सके। उन्होंने बताया कि हेली एम्बुलेंस संचालन की प्रक्रिया हेतु ट्राॅमा विभाग में सभी तकनीकी सुविधाओं युक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

एम्स ऋषिकेश के ट्राॅमा सर्जन और हेली एम्बुलेंस सर्विसेज के इंचार्ज डाॅक्टर मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स ऋषिकेश की यह टीम राज्य में अथवा राज्य के बाहर भी आपात स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर हेली इमरजेंसी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि टीम में एटीएलएस, एटीसीएन, पीएचटीएलएस और बीएलएस कोर्स कर चुके अनुभवी सदस्य शामिल किए गए हैं। इसके मेडिकल संचालन की मानक संचालन प्रक्रिया ( एसओपी ) भी खुद एम्स ऋषिकेश के ट्राॅमा विभाग द्वारा तैयार की गई है।

डाॅ. मधुर उनियाल ने बताया कि किसी भी दुर्घटना अथवा आपात स्थिति को देखते हुए इलाज संबंधी आवश्यक परामर्श के लिए ट्राॅमा विभाग के कंट्रोल रूम स्थित टोल फ्री नम्बर- 18001804278 पर संपर्क किया जा सकता है।

रामनगर से लौटी एम्स की हेली इमरजेंसी मेडिकल टीम में ट्राॅमा विभाग के सीनियर रेजिडेंट डाॅ. अग्निवा मुखोपाध्याय, एएनएस महेश देवास्थले और नर्सिंग ऑफिसर शशिकांत सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

Related posts

ब्रेकिंगः-ग्राम थला मनराल में लगाया निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर।

khabargangakinareki

Gujarat Board Class 10th Result 2024: GSEB ने जारी किया रिजल्ट, यहां से चेक करें अपना रिजल्ट

khabar1239

विश्व अस्थमा दिवस:-अस्थमा शिक्षा सशक्तिकरण” थीम पर जनजागरुकता के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में यहां के छात्र, चिकित्सकों व फैकल्टी सदस्यों ने किया प्रतिभाग।

Leave a Comment