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कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में 03 माह के अन्दर लिखित शिकायत केस दर्ज कर सकते हैं।‘‘

‘कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में 03 माह के अन्दर लिखित शिकायत केस दर्ज कर सकते हैं।‘‘

कैरियर कॉउंसिलिंग/सेमिनार कक्ष टिहरी गढ़वाल नई टिहरी में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन गुरूवार को मुख्य प्रशिक्षकों द्वारा यौन उत्पीड़न की रोकथाम और जेण्डर पर विषय पर जानकारी दी गई। इस मौके पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा द्वारा भी प्रतिभाग किया गया।

जिलाधिकारी ने उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा आयोजित कार्यशाला को एक अच्छी पहल बताते हुए सभी उपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों को कार्यशाला को गंभीरता से लेते हुए अपनी शंकाओं का निदान कर इसका लाभ उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में बताई गई बातों को अपने व्यवहारिक कार्याें में लाना सुनिश्चित करें।

कार्यशाला के दूसरे दिन गुरूवार को डिप्टी कमाण्डेट हरिद्वार अरूणा भारती एवं सुधा एनजीओ अल्मोड़ा/बाल कल्याण समिति सदस्य नीता उपाध्याय के द्वारा यौन उत्पीड़न की रोकथाम, सैक्स, जेण्डर, समानता के दृष्टिकोण, संरक्षाणात्मक दृष्टिकोण, सम्पूर्ण समानता का दृष्टिकोण आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने यौन उत्पीड़न की रोकथाम के अन्तर्गत समय-समय पर मा. उच्चतम न्यायालय द्वारा विभिन्न केसों के अन्तर्गत दिये गये निर्णयों की जानकारी दी।

वहीं उन्होंने विशाखा केस गाइडलाइन्स, रूपम देवल बजाज केस, निर्भया रेप केस, तरूण तेजपाल केस में कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटनाओं एवं कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (सीआरपीसी) के अन्तर्गत विभिन्न धाराओं यथा 354-ए, 354-सी 376(2-एफ, 2-के), 509, 341, 342 में दर्ज शिकायतों के बारे में जानकारी देते हुए ऐसी घटनाएं न हो सभी को सतर्क रहने को कहा गया।

उन्होंने यौन उत्पीड़न की रोकथाम के संबंध में बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों में 03 माह के अन्दर लिखित शिकायत कर केस दर्ज कर सकते हैं।
विशेष परिस्थितियों में 06 माह का प्रावधान भी किया गया है।

वहीं उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर जहां 10 से अधिक महिलाएं काम करती हैं, वहां पर आन्तरिक शिकायत समिति तथा 10 से कम संख्या पर स्थानीय शिकायत समिति गठित की गई हैं।

लिखित शिकायत 06 कॉपी में देनी होती है, जो कि गोपनीय रिकार्ड है तथा जिस पर 10 दिन के अन्दर अपराधी को अवगत कराकर उसे पेश होना होता है। कार्यशाला में पहले दिन बुधवार को आई.एफ.एम.एस., ई-ऑफिस पर जानकारी दी गई, जबकि 16 नवम्बर को डिजास्टर मैनेजमेंट के संबंध में बताया जायेगा।

इस मौके पर अस्सिटेंट प्रोफेसर उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल मंजू पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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