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ऐम्स संस्थान में व्यापक अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तत्परता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का किया गया आयोजन।

संस्थान में व्यापक अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तत्परता सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस दौरान बताया गया कि संस्थान के प्रत्येक स्टाफ को अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रति संवेदनशील रहना जरूरी है।

शनिवार को एम्स अस्पताल प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय ’व्यापक अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तत्परता’ कार्यशाला में आग के खतरों को कम करने, बचाव तकनीकों (जैसे अग्निशामक यंत्रों का उपयोग), और निकासी प्रक्रियाओं आदि मे निपुणता लाने जैसे मुद्दों विशेषज्ञों द्वारा व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।

इस कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि संस्थान में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को अग्नि सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी होनी जरूरी है।

वहीँ उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से खासतौर से अस्पताल में सेवारत नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक वर्ग के कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति में बचाव के तरीकों का अनुभव प्राप्त होगा।

सीबीआरआई रूड़की के वैज्ञानिक डाॅ. सौरभ जैन और डाॅ. ए. अरविन्द कुमार सहित अग्निशमन विभाग ऋषिकेश के प्रभारी सुधीर सिंह गुंसाई व भरत कुमार आदि अतिथियों ने स्मोक डिटेक्टर, अलार्म सिस्टम और प्राथमिक चिकित्सा के बारे में लाभप्रद जानकारी दी और प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

वहीँ उन्होंने बताया कि संस्थानों में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए अग्नि सुरक्षा के व्यापक संशाधन और उपाय होने चाहिए।

संस्थान के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी कमाडेंट अनिल चन्द्र ने अग्निशमन यंत्रों का उपयोग करने और इनसे आग बुझाने के विभिन्न तौर- तरीकों का प्रशिक्षण दिया।

कार्यशाला को संस्थान के डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वाष्र्णेय, उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री और मुख्य नर्सिंग अधिकारी डाॅ. अनिता रानी कंसल आदि ने भी संबोधित किया।

कार्यशाला में घटना के दौरान आपातकालीन निकासी मार्गों का उपयोग, कार्यस्थल पर ज्वलनशील पदार्थों की पहचान और उनके सुरक्षित भंडारण की जानकारी तथा आग लगने की स्थिति में सबसे पहले फायर अलार्म बजाने और (101) नंबर पर फायर पुलिस को सूचित करने जैसे अहम विषयों पर व्यापक जानकारी दी गयी।

इस दौरान डीएमएस डा. रवि कुमार, पीआरओ डा. श्रीलोय मोहन्ती, सुरक्षा अधिकारी पीएस राणा, डीएनएस कमलेश आदि मौजूद रहे।

कार्यशाला में अस्पताल प्रशासन के गु्रप बी और सी के कार्मिकों के अलावा सेवावीर आदि ने प्रतिभाग किया।

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