Khabar Ganga Kinare Ki
Breaking Newsआकस्मिक समाचारउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदेहरादूनस्टोरीस्वास्थ्य

विश्वस्तरीय चिकित्सा से एम्स,ऋषिकेश में साल दर साल बढ़ रही शल्य चिकित्साएं 12 साल में हो चुकी डेढ़ लाख से अधिक सफल सर्जरी।

विश्वस्तरीय चिकित्सा से एम्स,ऋषिकेश में साल दर साल बढ़ रही शल्य चिकित्साएं
12 साल में हो चुकी डेढ़ लाख से अधिक सफल सर्जरी

एम्स,ऋषिकेश में विभिन्न तरह की शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ साथ माइनर व मेजर श्रेणी की शल्य चिकित्सा की संख्या में भी साल दर साल लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल में अब तक डेढ़ लाख से अधिक छोटे व बड़े स्तर के ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
संस्थान में वर्ष 2013 में मरीजों की सुविधा के मद्देनजर ओपीडी सेवाएं प्रारंभ की गई, जबकि वर्ष-2014 से विभिन्न सामान्य शल्य चिकित्सा सेवाओं व सुपरस्पेशलिटी श्रेणी की शल्य चिकित्साएं (मेजर व माइनर ओटी) शुरू कर दी गई।
2014 में महज 867 विभिन्न श्रेणियों की शल्य चिकित्सा ऑपरेशन से शुरू हुआ यह आंकड़ा 12 वर्ष के समयांतराल में वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख से अधिक पहुंच गया है।
संस्थान वर्तमान में शल्य चिकित्सा से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों में मरीजों को इस तरह की सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
इसकी एक अहम वजह एम्स अस्पताल में सभी तरह की सामान्य एवं सुपरस्पेशलिटी सेवाओं की उपलब्धता के साथ साथ विश्वसनीयता, उच्च गुणवत्ता के साथ उपचार व चिकित्सकीय दक्षता प्रमुखरूप से शामिल है। साथ ही अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए मामूली खर्च पर सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर बड़े स्तर की जांच संबंधी लगभग सभी तरह की जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं।
इसके साथ साथ अस्पताल में मरीजों की हरवर्ष सततरूप से बढ़ती आमद इसलिए भी है कि एम्स संस्थान में भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा मरीजों के उपचार हेतु जनसामान्य का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से संचालित तमाम हेल्थ स्किम्स आयुष्मान भारत योजना, बीपीएल तथा गोल्डन कार्ड से निशुल्क उपचार सुविधाएं लागू हैं।
गौरतलब है कि एम्स अस्पताल में वर्ष 2013 में ओपीडी और आईपीडी सुविधाएं शुरू की गई थी। इसके बाद से साल दर साल विभिन्न विभागों की माइनर व मेजर शल्य चिकित्सकीय सेवाओं के प्रारंभ होने के साथ साथ उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है।
आंकड़ों पर गौर करें तो एम्स ऋषिकेश में ओपीडी प्रारंभ होने के महज एक साल में ही वर्ष 2014 से गाइनकोलॉजी, ईएनटी, जनरल सर्जरी, ऑप्थोमोलॉजी, ऑर्थोपेडिक आदि सामान्य शल्य चिकित्सा से जुड़े विभागों के साथ ही न्यूरो सर्जरी, सीटीवीएस, पीडियाट्रिक सर्जरी आदि सुपरस्पेशलिटी सेवाएं शुरू कर दी गई। जिनमें सभी बड़े स्तर की शल्य चिकित्साएं (मेजर ओटी) प्रमुखरूप से शामिल हैं।
इसके बाद अस्पताल में वर्ष 2016-17 में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, 2017-18 में यूरोलॉजी व वर्ष 2019-20 में सर्जिकल ओंकोलॉजी, ट्रॉमा सर्जरी, सर्जिकल गैस्ट्रो
की शल्य चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ की गई।
वर्तमान में संस्थान में सामान्य एवं गंभीर श्रेणी की शल्य चिकित्सा सेवाएं दे रहे विभागों की वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक 1,59, 180 ऑपरेशन किए जा चुके हैं।

इंसेट
अस्पताल में सेवाएं दे रहे शल्य चिकित्सा से जुड़े विभाग

एम्स अस्पताल में माइनर एवं मेजर शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहे विभागों में बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी, डेंटिस्ट्री, सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग, ईएनटी, न्यूरो सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, आर्थोपेडिक, नेत्र रोग विभाग, पीडियाट्रिक सर्जरी शामिल हैं, इसके अलावा सर्जिकल ओंकोलॉजी हेड एंड नेक, सर्जिकल ओंकोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रो, यूरोलॉजी, ट्रामा सर्जरी, ट्रामा आर्थो, डर्माटोलॉजी, आर्थोपेडिक, ब्रेस्ट-एन्डो सर्जरी सहित विभिन्न विभागों की माइनर एवं मेजर श्रेणी की शल्य चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।

क्या कहती हैं एम्स निदेशक एवं सीईओ

एम्स, ऋषिकेश संस्थान मरीजों को सभी तरह की विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रतिबद्धता से उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों की जरुरत के मद्देनजर समय समय पर चिकित्सकीय एवं परीक्षण संबंधी सेवाओं को विस्तारीकृत किया जा रहा है। कोशिश है कि एम्स में उपचार के लिए आने वाले पेशेंट्स को महानगरों में महंगे इलाज और आवागमन की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, निदेशक एवं सीईओ एम्स, ऋषिकेश।

Related posts

15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जनपद टिहरी गढ़वाल में ‘‘वोट जैसा कुछ भी नही, वोट जरूर डालेंगे हम‘‘ थीम पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।

khabargangakinareki

iPhone 15 पर भरी डिस्काउंट अब 60,000 रुपये से कम में रहा है, जल्दी करें, केवल सीमित समय के लिए

khabar1239

ब्रेकिंग:-यूजीसी द्वारा जारी की गई 20 फ़र्ज़ी विश्वविद्यालयों की सूची।

khabargangakinareki

Leave a Comment