जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रथम दिन का प्रशिक्षण सम्पन्न*
*प्रथम चरण के अनुभवों से सीख लेते हुए द्वितीय चरण की तैयारियां समय से पूरी करें : जिलाधिकारी*
* जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना के सफल संचालन के लिए मंगलवार को क्रीड़ा हॉल, निकट विकास भवन, नई टिहरी में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रथम दिन चार्ज अधिकारियों सहित विभिन्न नगर निकायों एवं राजस्व विभाग के कार्मिकों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, निर्धारित प्रपत्रों एवं पोर्टल की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनगणना निदेशालय की निदेशक ईवा श्रीवास्तव ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान प्रत्येक घर तक पहुंचकर सही एवं पूर्ण जानकारी एकत्रित की जाए। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में की जा रही है, ताकि आवासीय परिस्थितियों के साथ प्रत्येक व्यक्ति की जनसंख्या, रोजगार, आजीविका एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित आवश्यक आंकड़े जुटाए जा सकें।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि प्रथम चरण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है। प्रथम चरण के अनुभवों एवं सामने आई कमियों को ध्यान में रखते हुए द्वितीय चरण की तैयारियां बेहतर तरीके से की जाएं। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में कार्य की चुनौतियां अधिक होंगी, इसलिए सभी व्यवस्थाएं अभी से सुनिश्चित कर ली जाएं। ठंड के मौसम एवं क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कार्मिकों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या, आवश्यकता अथवा बजट संबंधी दिक्कत सामने आने पर समय से अवगत कराया जाए, ताकि उसका समाधान किया जा सके। चार्ज अधिकारी जनगणना पोर्टल की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सूचनाएं समय से अद्यतन करें तथा प्रथम चरण के अनुभवों को अन्य कार्मिकों के साथ साझा करें।
अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण, विकास योजनाओं के निर्धारण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण हैं। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहभागिता प्रत्येक कार्मिक के लिए गौरव की बात है।
प्रशिक्षण में जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक अरबिन्द कुमार ने जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, निर्धारित बिंदुओं, आंकड़ा संकलन एवं ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। जिला प्रभारी जनगणना टिहरी पंकज सिंह ने प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
द्वितीय चरण में प्रत्येक घर एवं उसमें निवास करने वाले व्यक्तियों की संख्या, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार एवं आजीविका सहित निर्धारित सामाजिक-आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की विकास योजनाओं, सरकारी नीतियों एवं संसाधनों के नियोजन में किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केशव गैरोला सहित विभिन्न तहसीलों के तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के कार्मिक उपस्थित रहे।
