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ब्रेकिंग:-हाईपर बैरिक ऑक्सीजन ट्रेनिंग कार्यशाला के दूसरे दिन आर्मी कॉलेज मेडिकल साइंस नई दिल्ली के फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एसपी सिंह ने इस चिकित्सा ​विधि के बारे में प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक समझाया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के प्लास्टिक चिकित्सा विभाग के तत्वावधान में आयोजित हाईपर बैरिक ऑक्सीजन ट्रेनिंग कार्यशाला के दूसरे दिन आर्मी कॉलेज मेडिकल साइंस नई दिल्ली के फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एसपी सिंह ने हाईपर बैरिक ऑक्सीजन चैंबर द्वारा मरीज को दी जाने वाली चिकित्सा ​विधि के बारे में प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक समझाया।

उन्होंने इससे होने वाले फायदे भी बताए वहीं उन्होंने बताया कि अल्सर, बैडसौर (लंबे समय तक मरीज के बिस्तर पर एक ही अवस्था में लेटे रहने से होने वाली बीमारी) अथवा किसी भी अन्य तरह का घाव जो लंबे समय से ठीक नहीं हो रहा हो, उसे हाईपर बैरिक ऑक्सीजन थैरेपी की मदद से जल्दी ठीक किया जा सकता है।

संस्थान के रेडिएशन ओंकोलॉजी विभाग की अपर आचार्य डा. दीपा जोसफ ने एचबीओटी में रेडिएशन का भूमिका के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर प्लास्टिक सर्जरी विभाग के सीनियर रेसिडेंट डा. आनंद, डा. तरुणा, डा. रिदिमा द्वारा संबधित विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर आर्मी अस्पताल के चिकित्सक प्रो. एसपी सिंह ने प्रतिभागियों को हैपेबेरिक ऑक्सीजन थैरेपी( एचबीओटी) चैंबर में लेजाकर उसकी कार्यप्रणाली के बारे में समझाया।

इस अवसर पर प्लास्टिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डा. विशाल मागो ने कार्यशाला में शिरकत करने वाले अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।

इस अवसर पर डा. बलरामजी ओमर, डा. अंकित अग्रवाल, प्लास्टिक चिकित्सा ​विभाग की डा. देवरती चटोपाध्याय,डा. मधुवरी वाथुल्या, डा. अक्षय कपूर, डा. नीरज, सीनियर एवं जूनियर रेसिडेंट चिकित्सकों के अलावा नर्सिंग स्टाफ व एमबीबीएस के विद्यार्थी मौजूद थे।

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