Khabar Ganga Kinare Ki
Breaking Newsआकस्मिक समाचारउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदिन की कहानीविशेष कवरस्टोरी

मौल्यार फाउंडेशन ने जन्माष्टमी व स्वतंत्रता दिवस पर पहाड़ी स्कूलों के बच्चों को वितरित की शिक्षा सामग्री ।

मौल्यार फाउंडेशन ने जन्माष्टमी व स्वतंत्रता दिवस पर पहाड़ी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरित की”

“मौल्यार फाउंडेशन का सामाजिक योगदान, पहाड़ी अंचल के बच्चों को मिली शिक्षा सामग्री”

” ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल, मौल्यार फाउंडेशन ने बाँटे बैग, किताबें और कॉपियाँ”

“पहाड़ के बच्चों के सपनों को पंख दे रहा है मौल्यार फाउंडेशन”

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन में प्रवासी उत्तराखंडवासियों के द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

जिला विकास अधिकारी मो असलम ने अवगत कराया कि जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मौल्यार फाउंडेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर और चंबा ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों में स्कूली बच्चों को शैक्षिक व आवश्यक सामग्री वितरित की।

फाउंडेशन ने कुल 6 विद्यालयों—प्राथमिक विद्यालय ओडारखेत, बसोई, मलास (नरेंद्र नगर ब्लॉक) तथा मोटणाधार (पुजाल्डी), कखवाड़ी और ढुंगली (चंबा ब्लॉक)—में जाकर बच्चों को कॉपियाँ, किताबें, स्कूल बैग, जूते और खानपान की सामग्री प्रदान की।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी थपलियाल ने किया। वितरण हेतु दो टीमें बनाई गईं—नरेंद्र नगर ब्लॉक की टीम का संचालन श्रीमती पूनम डबराल ने किया, जिनके साथ शशि डबराल, कैलाश नौटियाल, गोपाल लेखवार और टिकेंद्र सिंह शामिल रहे। वहीं, चंबा ब्लॉक की टीम का संचालन श्रीमती श्रीमता देवी ने किया, जिनके साथ अजय डबराल और जगदीश प्रसाद लेखवार ने सहयोग किया।

फाउंडेशन के संस्थापक विनोद लेखवार, जो वर्तमान में विदेश में रहते हैं, लगातार अपने प्रदेश के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में सक्रिय हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों में विशेष योगदान देने वाले श्री लेखवार ने पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा स्तर को सुधारना अपनी प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझाया गया तथा उनकी जरूरतों पर चर्चा भी की गई।

विद्यालय की शिक्षिकाओं ने खराब मौसम के बावजूद दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचने के लिए मौल्यार टीम की सराहना की। ग्रामीणों और शिक्षकों ने कहा कि इस तरह की पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और प्रेरणा बढ़ती है।

मौल्यार फाउंडेशन का उद्देश्य पहाड़ की शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति को नई पहचान दिलाना है। संस्थापक विनोद लेखवार ने अपना गांव गोद लेकर पलायन रोकने व गांव को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

वही उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडवासियों से अपील की कि वे भी अपने गांव को गोद लेकर इसके विकास में योगदान दें।

श्री लेखवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक विकास संभव है।

 

Related posts

Uttarakhand ने PRD सैनिकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 करने की योजना बनाई है, अन्य लाभों और अवकाश प्रावधानों को शामिल करने के लिए सेवा

khabargangakinareki

ब्रेकिंग:- Apple founder’s handwritten advertisement auctioned, bid worth so many crores.

khabargangakinareki

Tiger Terror in Uttarakhand: बाघ के एक के बाद एक हमलों से सहमा CTR प्रशासन, सफारी पर लगी रोक

khabargangakinareki

Leave a Comment