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एम्स, ऋषिकेश में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में समाज में डेंगू बुखार के प्रति जनजागरूकता फैलाने व इससे बचाव के उपायों को बढ़ावा देने पर जोर।

एम्स, ऋषिकेश में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में समाज में डेंगू बुखार के प्रति जनजागरूकता फैलाने व इससे बचाव के उपायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा गया कि इस जानलेवा बीमारी के प्रति सजग रहने व प्रारंभिक लक्षणों के सामने आने पर समय पर उपचार लेने से ही जीवन बचाया जा सकता है।
अभिघात एवं आपातकालीन विभाग, रक्त और आधान चिकित्सा विभाग एवं सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर जया चतुर्वेदी व चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्याश्री बलीजा ने विशेषरूप से प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर जनसामान्य को डेंगू बुखार के प्रति जागरुक किया गया। बताया गया कि डेंगू बुखार एक वायरल रोग है, जो ड्रेंगू वायरस के कारण होता है। यह एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है।
इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेसियों और जोडों में तेज दर्द, उल्टी, कमजोरी और अन्य जगहों से खून बहना है। इस बीमारी का सही समय पर पता चलना नितांत जरुरी है अन्यथा यह एक गंभीररूप भी ले सकता है।
डेंगू जनजागरुकता आधारित कार्यक्रम में आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. निधि कैले, सह आचार्या डॉ. पूनम अरोड़ा, सह आचार्य भारत भूषण भारद्वाज, रक्त आधान चिकित्सा के सह आचार्य डॉ. आशीष जैन एवं अन्य चिकित्सक और नर्सेस ने शिरकत की।

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डेंगू बुखार के गंभीर लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
डेंगू बुखार में लक्षणों की अनदेखी करने व लापरवाही बरतने पर बीपी कम होना, शरीर के कई हिस्सों से खून बहना आदि गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं।
बीमारी रोकथाम के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं।

जैसे कि मच्छरों के काटने से बचें, पूरे बाजू के कपडे पहनें, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, अपने घर के अन्दर और बाहर दोनों जगह स्वच्छ रखें।
एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक इस रोग में सबसे अहम बात, इस बीमारी के लक्षणों को पहचानें और तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करें।

सही समय पर डेंगू का पता चलने पर काफी हद तक इसको गंभीर रूप में परिवर्तित होने से रोका जा सकता है।

डेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने की संभावना ज्यादा होती है।

लिहाजा बीमारी के प्रति सतर्क रहें, सावधान रहें, मच्छर के काटने से बचें।
इसके साथ ही गंभीर लक्षण दिखने पर जैसे कि पेट में लगातार दर्द होना, लगातार उल्टी होना, मुंह, नाक से खून बहना, बीपी कम होना आदि स्थिति में तत्काल इमरजेंसी में संपर्क करें।

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